भोपाल के करीब 60 केंद्रों पर सरकारी गेहूं की खरीदी चल रही है। इनमें से कई सेंटर ऐसे हैं, जहां न तो छांव की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की। इस कारण किसान परेशान हो रहे हैं। सोमवार को खरीदी केंद्रों पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर को कई खामियां देखने को मिली। उन्होंने मौके पर ही अफसर से बात की और समस्या दूर करने को कहा।
जिपं सदस्य मेहर बैरसिया क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक खरीदी केंद्रों पर पहुंचे। उन्होंने तुलाई व्यवस्था देखी और वेयर हाउस संचालकों से बात की। गजानन वेयर हाउस में कई किसान धूप में ही खड़े थे। उनके लिए पानी की व्यवस्था भी नहीं थी। इस पर मेहर ने जिला आपूर्ति अधिकारी अजीत कुजूर से मोबाइल पर बात की और तुरंत व्यवस्था करने को कहा।

टेंट लगाने-मटके रखने को कहा सदस्य मेहर अभिलाषा वेयर हाउस पर भी पहुंचे। यहां भी पानी और बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। यहां पर मंगलवार को ही छाया के लिए टेंट लगाने और पीने के पानी के लिए मटके रखने को कहा है। ताकि किसानों को राहत मिल सके।
विभाग देगा नोटिस सदस्य मेहर ने बताया, जिला आपूर्ति अधिकारी कुजूर ने भी कुछ वेयर हाउस और खरीदी केंद्रों को नोटिस देने की बात कही है। एक-दो दिन में व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
किसानों को सरकार देगी 175 रुपए बोनस
अबकी बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि प्रदेश सरकार 175 रुपए का अतिरिक्त बोनस दे रही है। इस तरह किसानों को एक क्विंटल गेहूं के 2600 रुपए मिलेंगे।
80 लाख टन गेहूं उपार्जन अनुमानित प्रदेश में लगभग 80 लाख टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है। इस उपार्जन पर समर्थन मूल्य की राशि 19 हजार 400 करोड़ रुपए और बोनस की राशि 1400 करोड़ रुपए का किसानों को भुगतान किया जाना संभावित है।




