भोपाल कमला नगर थाना पुलिस ने तकनीक का इस्तेमाल कर गुम हुए 46 मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके असली मालिकों को सौंप दिया हैं। ये सभी मोबाइल अलग-अलग कंपनियों के हैं, जिनकी कुल कीमत ₹6.75 लाख से ज्यादा आंकी गई है। पुलिस उपायुक्त (जोन-1) प्रियंका शुक्ला ने स्वयं फरियादियों को मोबाइल लौटाए।
सीईआईआर पोर्टल बना सबसे बड़ा हथियार
मोबाइल बरामदगी में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पुलिस के लिए मददगार साबित हुआ। इस पोर्टल के जरिए मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की गई और फिर उन्हें अलग-अलग जगहों से बरामद किया गया।
भोपाल के सभी थानों में अब इस पोर्टल के संचालन के लिए प्रशिक्षित स्टाफ तैनात किया गया है। कमला नगर थाने की महिला आरक्षक दीपमाला ने इस कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने फरियादियों की शिकायत के आधार पर पोर्टल पर डेटा अपलोड किया, लोकेशन ट्रैक की और फिर मोबाइल की बरामदगी से लेकर सुपुर्दगी तक की पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।”

मोबाइल उसकी सैलरी से भी महंगा था मोबाइल पाने वालों में एक प्राइवेट कर्मचारी भी शामिल था, जिसकी महीने की आमदनी सिर्फ 10-12 हजार रुपए है। उसका मोबाइल उसकी सैलरी से भी महंगा था। जब उसे कमला नगर थाने से फोन आया कि उसका मोबाइल मिल गया है, तो उसे यकीन नहीं हुआ। लेकिन जब उसे थाने बुलाकर मोबाइल सौंपा गया, उसने भोपाल पुलिस को धन्यवाद दिया।
मोबाइल बरामदगी का ब्योरा
- कुल मोबाइल: 46
- अनुमानित कीमत: ₹6,75,156
- अवधि: जनवरी 2025 से मई 2025
- कंपनियां: सैमसंग, रियलमी, वनप्लस, वीवो, ओप्पो आदि।




