सागर में बीए के छात्र की सांसें उस वक्त गले में अटक गईं, जब उसकी मोटरसाइकिल के पेट्रोल टैंक के नीचे जहरीला सांप छिपा नजर आया। आनन-फानन में स्नेक कैचर को मौके पर बुलाया गया। जिसने बड़ी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ा।
इस दौरान छात्र करीब दो घंटे तक उसी बाइक पर घूमता रहा, जिसमें सांप छिपा था।
मामला सागर की डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी का है। यहां बीए में पढ़ने वाला लकी मंगलवार सुबह यूनिवर्सिटी पहुंचा। बुलेट पार्किंग में खड़ी करने के बाद क्लास में चला गया। लौटा तो गार्ड ने बताया कि उसकी बुलेट के पास सांप घूम रहा था।
यह सुनकर लकी ने बाइक स्टार्ट कर धूप में खड़ी कर दी। उसे हिलाया-डुलाया लेकिन सांप नहीं दिखा। इस पर लकी ने सोचा कि सांप चला गया होगा। वह बाइक लेकर दोस्तों के साथ घूमने निकल गया।

गाड़ी की सीट के नीचे छिपा था करीब दो घंटे तक शहर में घूमने के बाद गाड़ी धुलवाने के लिए लकी और उसके दोस्त सर्विस सेंटर पहुंचे। यहां मैकेनिक को पेट्रोल टैंक के नीचे छिपा सांप दिख गया। सर्विस सेंटर पर हड़कंप मच गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने स्नैक कैचर अकील बाबा को सूचना दी। वे बेटे असद खान के साथ मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू शुरू किया। सांप गाड़ी की सीट के नीचे चला गया था। अकील ने मैकेनिक से सीट और पेट्रोल टंकी खुलवाई। फिर एहतियात के साथ सांप को पकड़ लिया।
रसेल वाइपर प्रजाति का था सांप
स्नेक कैचर अकील बाबा ने बताया कि रेस्क्यू में पकड़ा गया सांप रसेल वाइपर प्रजाति का है, जो करीब तीन फीट लंबा है। यह किसी को डस ले तो उसके खून के थक्के जमने लगते हैं। उसकी जान जा सकती है।
लकी की किस्मत अच्छी थी कि वह सुरक्षित सर्विस सेंटर पर गाड़ी लेकर पहुंच गया।




