खंडवा विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की कोर्ट ने मंगलवार को एक फैसले में एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाकर उसके साथ बलात्कार करने के आरोपी को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है।
अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 के तहत 3 साल की कठोर कैद और एक हजार रूपए जुर्माना, आईपीसी की धारा 376 के तहत 5 साल की कठोर कैद और दो हजार रुपए का जुर्माना, और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 (एल)/6 के तहत 20 साल की कठोर कैद और पांच हजार रूपए जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी हरिप्रसाद बांके ने की। उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर, 2023 को शाम करीब 6 बजे पीड़िता की मां खाना बना रही थी और पीड़िता, जिसकी उम्र 16 साल थी, वह घर के बाहर बैठी हुई थी। जब उसकी मां घर के बाहर आई तो उसने देखा कि उसकी नाबालिग बेटी बाहर नहीं है। उसने उसे आसपास और रिश्तेदारों में तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली।
पीड़िता की मां ने अपने बेटे के साथ पुलिस स्टेशन नर्मदानगर की चौकी पुनासा में जाकर पीड़िता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता की मां की रिपोर्ट पर, पुलिस स्टेशन नर्मदानगर में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने पीड़िता को ढूंढ निकाला और उसे उसके पिता को सौंप दिया।
जांच में पता चला कि एक आरोपी पीड़िता को बाइक पर खुटला ले गया, वहां से बस में रणगांव ले गया और रणगांव से खंडवा बस में लेकर आया। फिर वह उसे खंडवा से इंदौर ले गया और इंदौर में एक कमरा किराए पर लिया, जहां उसने पीड़िता की मर्जी के बिना उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।




