Sunday, February 15, 2026
24.1 C
Bhopal

भोपाल एम्स की प्रोफेसर रश्मि वर्मा की मौत

भोपाल एम्स के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा की 24 दिन बाद सोमवार को मौत हो गई। 11 दिसंबर को आत्महत्या का प्रयास करने के बाद से वे एम्स के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। तमाम कोशिशों, विशेषज्ञों की निगरानी और इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।

एम्स के अनुसार, 5 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे डॉ. रश्मि वर्मा ने अंतिम सांस ली। उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया। डॉ. रश्मि वर्मा ने बेहोशी की दवा (एनेस्थीसिया) का हाई डोज लिया था। उनके पति ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन शाक्य उन्हें बेहोशी की हालत में एम्स लेकर पहुंचे थे।

7 मिनट तक रुकी थी दिल की धड़कन एम्स पहुंचने से पहले करीब 25 मिनट का वक्त निकल चुका था। डॉक्टरों के मुताबिक, इस दौरान डॉ. रश्मि का दिल लगभग 7 मिनट तक धड़कना बंद कर चुका था। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत सीपीआर शुरू किया और तीन बार रेससिटेशन के बाद उनकी हार्टबीट वापस लाई जा सकी थी। हालांकि, इतने लंबे समय तक ब्रेन को ऑक्सीजन नहीं मिलने से मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुंच चुकी थी।

एमआरआई रिपोर्ट में सामने आया गंभीर ब्रेन डैमेज घटना के 72 घंटे बाद कराई गई एमआरआई रिपोर्ट में ‘ग्लोबल हाइपोक्सिया ब्रेन’ की पुष्टि हुई थी। इसका मतलब था कि उनके पूरे मस्तिष्क को लंबे समय तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिली। डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति अकसर कार्डियक अरेस्ट के बाद होती है। इसमें रिकवरी की संभावना बेहद कम रहती है।

डॉ. रश्मि वर्मा 24 दिनों से एम्स के मेन आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थी। हर दिन उम्मीद की किरण तलाशने की कोशिश की गई, लेकिन ब्रेन डैमेज इतना गंभीर था कि सुधार नहीं हो सका।

कई बार इलाज का खर्च खुद उठाती थीं डॉ. रश्मि डॉ. रश्मि वर्मा ने प्रयागराज के एमएलएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से एमडी (जनरल मेडिसिन) किया था। वे एम्स भोपाल के अलावा एलएन मेडिकल कॉलेज और पीएमएस भोपाल में भी सेवाएं दे चुकी थीं। पांच साल का टीचिंग अनुभव रखने वाली डॉ. रश्मि गरीब मरीजों की मदद के लिए जानी जाती थीं और कई बार इलाज का खर्च भी खुद उठाती थीं। वर्तमान में सीपीआर ट्रेनिंग प्रोग्राम की नोडल अधिकारी भी थी।

घटना के बाद हुई थी आपात बैठक, कई फैसले लिए गए थे

डॉ. रश्मि की मौत के बाद एम्स के भीतर के कथित टॉक्सिक वर्क कल्चर, प्रशासनिक दबाव और नोटिस सिस्टम को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। घटना के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्स प्रबंधन की आपात बैठक हुई थी, जिसमें ट्रॉमा एंड इमरजेंसी विभाग के एचओडी को हटाने और विभाग को दो हिस्सों में बांटने जैसे बड़े फैसले लिए गए थे। इस पूरे मामले की गोपनीय जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित भी की गई थी, जिसकी अब तक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

Hot this week

95 साल के बुजुर्ग ने राइफल से खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में बड़ी बहू पर प्रताड़ना का आरोप

​ग्वालियर। शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित नेहरू कॉलोनी...

भोपाल के जेएसआर ग्लोबल कॉलेज में फाइनेंस कर्मी की बेरहमी से पिटाई, वीडियो वायरल

भोपाल। राजधानी के सूखीसेवनिया इलाके में स्थित जेएसआर ग्लोबल...

Topics

भोपाल के जेएसआर ग्लोबल कॉलेज में फाइनेंस कर्मी की बेरहमी से पिटाई, वीडियो वायरल

भोपाल। राजधानी के सूखीसेवनिया इलाके में स्थित जेएसआर ग्लोबल...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img