राजधानी में गोमांस तस्करी के आरोपों को लेकर बुधवार को हिंदू संगठनों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। हिंदू संगठनों ने महापौर मालती राय के बंगले का घेराव किया और मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया था और बंगले के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने महापौर बंगले पर प्रदर्शन के दौरान आक्रोश जताते हुए महापौर मालती राय के नेम प्लेट पर कालिख पोत दी। वहीं नजदीक ही लगे होर्डिंग्स पर मालती राय के फोटो पर सियाही से दाढ़ी बना दी। प्रदर्शनकारियों ने मुल्ला मालती राय कहकर संबोधित किया और नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह प्रतीकात्मक विरोध है, जो नगर निगम की भूमिका और स्लॉटर हाउस में कथित गोकशी के मामलों पर कार्रवाई न होने के खिलाफ दर्ज कराया गया है।
कार्रवाई होने तक जारी रहेगा आंदोलन
हिंदू उत्सव समिति और अन्य संगठनों का आरोप है कि शहर में लंबे समय से गोमांस तस्करी का संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संगठनों का कहना है कि जब तक पूरे नेटवर्क और इसके मास्टर माइंड पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान महापौर से इस्तीफा मांगा और कहा कि नगर निगम के संरक्षण के बगैर यह कारोबार नहीं चल सकता है।

PHQ के सामने पकड़े गए ट्रक का दिया हवाला
संगठनों ने 17 दिसंबर 2025 को PHQ के सामने पकड़े गए मांस से भरे ट्रक का हवाला देते हुए कहा कि उस समय ट्रक से भारी मात्रा में संदिग्ध मांस बरामद किया था। मामले में स्लाटर हाउस संचालक असलम चमड़ा को जेल भेजा गया, लेकिन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह सिर्फ एक कड़ी है, जबकि पूरा नेटवर्क अभी भी सक्रिय है।
महापौर से सीधे हस्तक्षेप की मांग
हिंदू ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में चल रहे स्लाटर हाउसों और मांस के अवैध कारोबार पर महापौर को सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए। उनका कहना है कि नगर निगम की जानकारी के बिना इतना बड़ा नेटवर्क नहीं चल सकता।




