इंदौर | शहर के परदेशीपुरा इलाके में साइबर ठगों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने के लालच में एक रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर ने अपनी जिंदगी भर की कमाई के 1 करोड़ 31 लाख रुपए गंवा दिए। पुलिस ने इस मामले में एक महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
नंदानगर निवासी 62 वर्षीय रिटायर्ड इंजीनियर राजेश शर्मा अगस्त 2025 में सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन के संपर्क में आए थे। विज्ञापन में शेयर बाजार से रोज मुनाफे का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करते ही उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां इन्वेस्टमेंट के नाम पर झांसा देना शुरू हुआ।
मुनाफे का ‘फर्जी’ स्क्रीनशॉट और फिर ब्लॉक
- शुरुआत: पहले 1 लाख रुपए से ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया गया।
- दबाव: धीरे-धीरे टैक्स, कमीशन और सिक्योरिटी के नाम पर 12 अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए।
- दिखावा: ठगों ने एक फर्जी ऐप के जरिए पीड़ित को उनका पोर्टफोलियो 1.85 करोड़ रुपए दिखाया, ताकि उन्हें यकीन रहे कि पैसा बढ़ रहा है।
- धोखा: जब पीड़ित ने पैसे निकालने चाहे, तो आरोपियों ने भुगतान रोक दिया और 6 जनवरी 2026 को उनका नंबर ब्लॉक कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
साइबर सेल की शुरुआती जांच के बाद परदेशीपुरा थाना पुलिस ने यशस्विनी जिंदल नामक महिला के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस अब उन 12 बैंक खातों की जानकारी खंगाल रही है, जिनमें रकम जमा की गई थी।
सीनियर जर्नलिस्ट की राय: डिजिटल दौर में अज्ञात लुभावने विज्ञापनों से बचें। कोई भी अधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म सीधे वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए पैसा जमा नहीं कराता।




