भोपाल। मक्का और मदीना में भोपाल रियासत की ‘रुबात’ (धर्मशालाओं) में हज यात्रियों के ठहरने का विवाद अब पुलिस दहलीज तक पहुँचता दिख रहा है। बुधवार को विधायक आरिफ मसूद ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल से मुलाकात कर मुतवल्लिया सबा अली खान (अभिनेता सैफ अली खान की बहन) और सिकंदर हफीज के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की है।
धोखाधड़ी का आरोप और पासपोर्ट जब्ती की मांग
विधायक मसूद ने आरोप लगाया कि रुबात शुरू करने के झूठे आश्वासन दिए गए, जिससे इस साल हज पर जा रहे यात्रियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “मक्का में प्रति यात्री 75 हजार और मदीना में 25 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। यह सीधे तौर पर हाजियों के साथ धोखाधड़ी है। बोर्ड को तुरंत एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के पासपोर्ट जब्त करने चाहिए, ताकि वे विदेश न भाग सकें।”
क्या है रुबात और क्यों है विवाद?
रुबात नवाबी दौर की वे ऐतिहासिक सराय हैं, जिन्हें भोपाल की बेगमों ने मक्का-मदीना में इसलिए बनवाया था ताकि भोपाल, सीहोर और रायसेन के हाजी वहां मुफ्त या कम खर्च में ठहर सकें।
प्रमुख बिंदु:
- आर्थिक बोझ: रुबात न मिलने से हाजियों पर ₹1 लाख तक का अतिरिक्त भार।
- विरासत का मुद्दा: विधायक ने इसे केवल सुविधा नहीं, बल्कि रियासत के लोगों का ‘हक’ बताया।
- शिकायत: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान के बाद अब पुलिस कार्रवाई की मांग तेज।
इस मामले में अब सबकी नजरें वक्फ बोर्ड के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह रियासती धरोहर और हाजियों के हितों की रक्षा के लिए क्या कानूनी रुख अपनाता है।



