भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने प्रदेश की बुनियादी संरचना को मजबूती देने के लिए 53 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को साल 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
प्रमुख फैसले एक नजर में:
- सिंचाई और बुनियादी ढांचा: शाजापुर की लखुंदर सिंचाई परियोजना को हरी झंडी दी गई है, जिससे उज्जैन और शाजापुर के 9 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खुशहाली आएगी। साथ ही लोक निर्माण विभाग (PWD) की 26,311 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाओं को जारी रखने पर सहमति बनी।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी सीटों की वृद्धि के लिए 80 करोड़ और रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए 174 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति दी गई।
- कानून और व्यवस्था: कैबिनेट ने ‘मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक-2010’ को वापस लेने का बड़ा निर्णय लिया है।
- सामाजिक कल्याण: दिल्ली में पढ़ने वाले ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए ‘छात्रगृह योजना’ जारी रहेगी, जिसके तहत अब सहायता राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इसके अलावा, प्रदेश के 38,901 आंगनवाड़ी भवनों में बिजली कनेक्शन के लिए 80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
- प्रशासनिक निर्णय: खरीफ 2020 की शेष बची 7.73 लाख मीट्रिक टन धान के ई-ऑक्शन और भारतीय वन सेवा में प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक नए पद के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।
कर्मचारियों के हित में फैसला लेते हुए कैबिनेट ने कोर्ट के आदेशानुसार पेंशन और वेतनमान संबंधी प्रस्तावों को भी अपनी स्वीकृति दी।




