विदिशा। प्रदेश सरकार एक ओर समाज से जातिगत भेदभाव मिटाने के लिए अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार विभाग के कर्मचारी ही सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। ताजा मामला विदिशा से सामने आया है, जहां एक नवविवाहित दंपती ने आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारी पर 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।
शादी के एक साल बाद भी नहीं मिली सहायता
रायसेन के बरेली निवासी करण कुशवाह और सिरोंज की शिवानी अहिरवार ने करीब एक साल पहले अंतरजातीय विवाह किया था। नियम अनुसार, दंपती ने प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया और सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए। लेकिन साल भर बीत जाने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
कर्मचारी पर 20 हजार मांगने का आरोप
पीड़ित दंपती का आरोप है कि विभाग का एक कर्मचारी फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर पैसों की मांग कर रहा है। दंपती के अनुसार, कर्मचारी पहले ही उनसे एक हजार रुपए ले चुका है, जिसका प्रमाण भी उनके पास मौजूद है। अब बाकी की राशि के लिए उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं।
न्याय के लिए कलेक्टर के पास पहुंचे पीड़ित
योजना का लाभ न मिलने और भ्रष्टाचार से परेशान होकर दंपती ने अब कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि रिश्वतखोर कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें जल्द से जल्द योजना के तहत मिलने वाली राशि दिलाई जाए। इस मामले में अब प्रशासन की जांच का इंतजार है।




