भोपाल | राजधानी के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी में मंदिर और अस्पताल के पास चल रही शराब दुकान को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मानवाधिकार आयोग की कड़ी फटकार और 20 मार्च तक ठोस कार्रवाई के अल्टीमेटम के बाद, जिला प्रशासन की चार सदस्यीय विशेष टीम गुरुवार को मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचेगी।
क्या है पूरा विवाद?
अरेरा कॉलोनी के रहवासी पिछले एक साल से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यह दुकान आर्य समाज मंदिर से महज 50 मीटर की दूरी पर है और पास में ही अनुश्री चिल्ड्रन हॉस्पिटल भी स्थित है। रहवासियों के अनुसार, यह आबकारी नीति का खुला उल्लंघन है।
- असुरक्षा का माहौल: स्थानीय निवासी विवेक त्रिपाठी और लवनीश भाटी का कहना है कि दुकान की वजह से क्षेत्र में नशाखोरी और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ गया है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है।
- आयोग का सख्त रुख: आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो पहले ही इस जगह का दौरा कर चुके हैं। आयोग ने कलेक्टर को चेतावनी दी है कि यदि तय समय में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 13 के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जांच टीम पर टिकी नजरें
कलेक्टर द्वारा गठित चार सदस्यीय टीम आज दुकान की मंदिर और अस्पताल से वास्तविक दूरी नापेगी। रहवासियों की मांग है कि न केवल दुकान को यहां से शिफ्ट किया जाए, बल्कि उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर इसे लाइसेंस दिया।
”यह केवल एक दुकान का मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी धार्मिक आस्था और महिलाओं की सुरक्षा का सवाल है। हम एक साल से न्याय का इंतजार कर रहे हैं।”
— लवनीश भाटी, स्थानीय रहवासी




