दतिया। 19 फरवरी को चिरुला के फुलरा गांव में मिली युवक की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि धोखे और बेरहमी की रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान है। ग्वालियर के रहने वाले कल्याण राणा की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी सरकारी हॉस्टल अधीक्षिका पत्नी हेमलता ने अपने प्रेमी अमित सूरी के साथ मिलकर की थी।
साजिश: कथा के बहाने मौत का सफर
जांच में सामने आया कि 18 फरवरी को हेमलता अपने पति कल्याण को धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनाने के बहाने कार से डबरा ले गई थी। साथ में उसका प्रेमी अमित और एक सहेली भी थे। रास्ते में सहेली को उतारने के बाद कार के भीतर ही विवाद शुरू हुआ। पहले हेमलता ने पति का गला घोंटा, और जब लगा कि वह जिंदा है, तो प्रेमी अमित ने कटर से उसकी गर्दन रेत दी। शव को सड़क किनारे फेंक कर दोनों फरार हो गए।
CCTV ने खोला राज: कत्ल के बाद ढाबे पर खाना
पुलिस को सबसे बड़ा सुराग एक ढाबे के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से मिला। वारदात को अंजाम देने के ठीक 45 मिनट बाद, हेमलता और अमित एक हाईवे ढाबे पर रुके और आराम से खाना खाया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में हत्या का जो समय आया, ठीक उसी समय ये दोनों ढाबे पर मुस्कुराते हुए नजर आए। इसी शक के आधार पर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो सारा सच उगल दिया।
क्यों की हत्या? पत्नी की जुबानी
हेमलता ने पुलिस को बताया कि कल्याण उसका दूसरा पति था और उम्र में 6 साल छोटा था।
- प्रताड़ना: हेमलता के मुताबिक, कल्याण शराब का आदी था और मारपीट करता था।
- पैसे का विवाद: वह उसकी सैलरी छीन लेता था। घटना वाले दिन भी उसने शराब के लिए पैसे मांगे थे, जिसके बाद हेमलता ने प्रेमी से 1000 रुपये उधार लेकर उसे दिए और उसी वक्त उसकी मौत की साजिश रच ली।
पुलिस की कार्रवाई
दतिया पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्य इतने पुख्ता हैं कि आरोपियों का बचना मुश्किल है।
पत्रकार का नजरिया: > “यह मामला समाज के बदलते स्वरूप का काला चेहरा है, जहाँ रिश्तों की मर्यादा और कानून का खौफ दोनों खत्म होते दिख रहे हैं। एक पत्नी का कत्ल के बाद ढाबे पर जश्न मनाना उसकी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।”




