मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की बृजपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कुंवारे युवकों को शादी का हसीन सपना दिखाकर कंगाल बना देता था। यह गिरोह न केवल लूटपाट करता था, बल्कि शादी के बहाने बुलाकर लोगों का अपहरण तक कर लेता था। पुलिस ने गिरोह के 9 सदस्यों को दबोच लिया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
साजिश: मंदिर दर्शन नहीं, लूट का जाल
वारदात का शिकार नयागांव निवासी 43 वर्षीय बसंत लाल त्रिपाठी हुए। शादी की तलाश में उन्होंने लल्लू चौधरी नामक बिचौलिए से संपर्क किया था। योजना के मुताबिक, 23 फरवरी को त्रिपाठी को लड़की दिखाने के लिए पहाड़ीखेड़ा बुलाया गया। वहां दो लड़कियों और एक महिला से उनकी मुलाकात कराई गई। जैसे ही शादी की बात आगे बढ़ी, गिरोह के सदस्यों ने पैसों को लेकर विवाद शुरू कर दिया और त्रिपाठी के साथियों को डरा-धमकाकर भगा दिया।
स्कार्पियो से अगवा कर वसूले एक लाख
विवाद के बीच गिरोह के गुर्गे सफेद स्कार्पियो से पहुंचे और त्रिपाठी को अगवा कर सुनसान रास्ते पर ले गए। वहां जान से मारने की धमकी देकर उनसे 20 हजार नकद और 80 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए। बदमाशों ने उनका कीमती टैबलेट भी लूट लिया।
पुलिस की घेराबंदी और बरामदगी
मामले की गंभीरता देखते हुए पन्ना एसपी ने विशेष टीम गठित की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पहाड़ीखेड़ा बस स्टैंड पर घेराबंदी कर आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से:
- वाहन: एक सफेद स्कार्पियो और एक अपाचे बाइक।
- सामान: 10 मोबाइल फोन, लूटा गया लेनोवो टैबलेट।
- साजिश का सामान: शादी के नाटक में इस्तेमाल होने वाली साड़ियां, चूड़ियां और मेकअप किट।
रीवा-सतना से जुड़े हैं गिरोह के तार
पकड़े गए आरोपी नीरज पटेल, प्रद्युम्न साकेत सहित अन्य सदस्य रीवा, सतना और छतरपुर के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के तीन मुख्य सदस्य दिव्या उर्फ नैना, अन्नू और लल्लू चौधरी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
पत्रकार की टिप: इस तरह के गिरोह अक्सर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो शादी के लिए जल्दबाजी में होते हैं। अनजान बिचौलियों पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।




