भोपाल। राजधानी के प्रतिष्ठित मिलन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट (एमपी नगर) पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को रंगपंचमी के अवसर पर शुरू की गई इस जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी उजागर होने की संभावना है।
सॉफ्टवेयर के जरिए छिपाई जा रही थी असली कमाई
आयकर विभाग की टीम ने सर्वे के दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि रेस्टोरेंट संचालक ‘पेट पूजा’ (Petpooja) नामक बिलिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे थे। इस सॉफ्टवेयर की मदद से बिक्री का डेटा डिलीट कर दिया जाता था, ताकि वास्तविक आमदनी को छिपाकर इनकम टैक्स बचाया जा सके।
देशभर में रडार पर ‘पेट पूजा’ सॉफ्टवेयर
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह सॉफ्टवेयर वर्तमान में देशभर में आयकर विभाग के निशाने पर है। इसमें डेटा डिलीट करने की सुविधा का दुरुपयोग कर कई संस्थान टैक्स चोरी कर रहे हैं। इसी कड़ी में भोपाल के मिलन स्वीट्स पर भी दबिश दी गई।
अगले दो-तीन दिनों में होगा बड़ा खुलासा
आयकर अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर का पूरा डेटा और लेन-देन का रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है। फिलहाल विभाग जब्त दस्तावेजों का मिलान (कम्पाइलेशन) कर रहा है। उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों में टैक्स चोरी की वास्तविक राशि और अन्य विवरण स्पष्ट हो जाएंगे। फिलहाल, रविवार देर रात सर्वे की कार्यवाही पूरी होने के बाद सोमवार को संस्थान में सामान्य कामकाज जारी रहा।
मुख्य बिंदु:
- सॉफ्टवेयर का खेल: डेटा डिलीट कर कम दिखाई जा रही थी बिक्री।
- बड़ी जब्ती: आयकर टीम ने डिजिटल और कागजी रिकॉर्ड कब्जे में लिए।
- समय: रंगपंचमी के दिन एमपी नगर स्थित आउटलेट पर हुई कार्रवाई।




