सतना/भोपाल: विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और नागौद के पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह का शनिवार दोपहर भोपाल के चिरायु अस्पताल में निधन हो गया। 73 वर्षीय सिंह लंबे समय से बीमार थे। उनके निधन की खबर से सतना जिले सहित प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रमुख घटनाक्रम
- अंतिम संस्कार: रविवार को उनके गृह ग्राम कचनार में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
- राजनीतिक विरासत: उनकी बहू प्रतिभा सिंह वर्तमान में नगर परिषद नागौद की अध्यक्ष हैं।
- स्वास्थ्य: वे हाई डायबिटीज और हृदय संबंधी रोगों से जूझ रहे थे। तीन दिन पूर्व ही सर्जरी के माध्यम से उनका एक पैर काटना पड़ा था।
सरपंच से विधानसभा तक की यात्रा
यादवेंद्र सिंह ने जमीनी स्तर से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। उनका सफर कुछ इस प्रकार रहा:
| वर्ष | पद/उपलब्धि | विवरण |
|---|---|---|
| 1978 | सरपंच | वसुधा ग्राम पंचायत से जीत के साथ कॅरियर की शुरुआत। |
| 1992-99 | समिति/मंडी अध्यक्ष | विपणन सहकारी समिति और कृषि उपज मंडी नागौद का नेतृत्व। |
| 2013 | विधायक | कांग्रेस के टिकट पर नागौद विधानसभा से निर्वाचित हुए। |
| 2024 | भाजपा प्रवेश | लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। |
स्पष्टवादिता और व्यक्तिगत संबंध
यादवेंद्र सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह और अजय सिंह (राहुल भैया) का बेहद करीबी माना जाता था। सदन के भीतर और बाहर अपनी बेबाक बयानबाजी और वाकपटुता के लिए वे हमेशा चर्चा में रहे। कांग्रेस में लंबा समय बिताने के बाद, उन्होंने 2023 में बसपा और अंततः 2024 में भाजपा का दामन थामा था।




