इंदौर। शहर में दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ घर में चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक कार (टाटा पंच) में शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग ने पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया और उनकी बहू सिमरन समेत परिवार के 8 सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
हादसे की मुख्य बातें:
- आधी रात का कहर: हादसा तब हुआ जब पूरा परिवार गहरी नींद में था। कार से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को आग के गोले में तब्दील कर दिया।
- सिलेंडर फटने से ढहा मकान: आग की तपिश से घर में रखे गैस सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे। धमाका इतना जोरदार था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया, जिससे बचाव कार्य में और मुश्किल आई।
- मौत का जाल बना ‘डिजिटल लॉक’: बिजली गुल होने के कारण घर का डिजिटल लॉकिंग सिस्टम जाम हो गया। दरवाजे न खुलने की वजह से लोग अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
- फायर ब्रिगेड की देरी: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग की वजह माना जा रहा है, लेकिन इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग यूनिट और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी।
मृतकों के नाम
- मनोज पुगलिया
- सिमरन पति सौरभ पुगलिया
- विजय सेठिया
- सुमन पति विजय सेठिया
- छोटू सेठिया
- टीनू
- राशि
- तनय
ये हुए घायल
- सुनीता पति मनोज पगुलिया
- सोमिल पिता मनोज पुगलिया
- सौरभ पिता मनोज पुगलिया
- हर्षित पिता मनोज पुगलिया
वरिष्ठ पत्रकार की कलम से: यह घटना हमें तकनीक के सुरक्षित इस्तेमाल और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) के प्रति सजग रहने की चेतावनी देती है। डिजिटल सुरक्षा के साथ-साथ मैनुअल बैकअप का होना कितना जरूरी है, यह इस हादसे ने बखूबी सिखाया है।
















