भोपाल। प्रदेश में आगामी चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, चैती चांद और ईद के त्यौहारों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी बड़े पुलिस अधिकारियों को ‘एक्स्ट्रा अलर्ट’ रहने के निर्देश दिए हैं।
जुलूस के लिए लेनी होगी अनुमति
डीजीपी ने साफ किया है कि त्यौहारों के दौरान निकलने वाले सभी जुलूस और शोभायात्राएं केवल पारंपरिक रास्तों से ही निकाली जाएंगी। इसके लिए बाकायदा पुलिस की अनुमति अनिवार्य होगी और पूरे रास्ते की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
डीजे और लाउडस्पीकर पर लगाम
बैठक में निर्देश दिए गए कि डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग को पूरी तरह कंट्रोल में रखा जाए। किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री या गाने बजाने पर सख्त पाबंदी रहेगी। डीजे संचालकों को पहले ही चेतावनी देने को कहा गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
- ड्रोन और सीसीटीवी: संवेदनशील इलाकों और जुलूस के रास्तों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी।
- महिला सुरक्षा: महिलाओं के साथ अभद्रता या छेड़खानी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- भीड़ नियंत्रण: प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी ताकि दर्शन में कोई बाधा न आए।
- पुराने रिकॉर्ड पर नजर: जिन स्थानों पर पिछले सालों में सांप्रदायिक विवाद हुए हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी।
डीजीपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने वाहनों में दंगा-रोधी उपकरण तैयार रखें और नगर निगम व बिजली विभाग के साथ तालमेल बनाकर काम करें। पुलिस का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखना है।




