भोपाल। राजधानी भोपाल के पुलिस महकमे में पिछले कुछ दिनों से हड़कंप मचाने वाले ‘कथित ऑडियो’ मामले में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भोपाल एसपी देहात रामशरण प्रजापति और उनके ड्राइवर के बीच हुई बदसलूकी का जो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, उसे लेकर अब खुद ड्राइवर ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है।
ड्राइवर संजीव चौधरी ने नकारा दावा
जिस ड्राइवर संजीव चौधरी की आवाज़ होने का दावा इस ऑडियो में किया जा रहा था, उसने आधिकारिक तौर पर इस बात से इनकार कर दिया है कि ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज़ उसकी है। संजीव चौधरी ने इस पूरे मामले को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि वायरल ऑडियो पूरी तरह से फर्जी है।
AI तकनीक के इस्तेमाल की आशंका
संजीव चौधरी ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उसकी और एसपी साहब की छवि खराब करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लिया गया है। उसने बताया कि आधुनिक तकनीक के जरिए उसकी आवाज़ को क्लोन किया गया है ताकि वह असली सुनाई दे।
क्या था मामला?
पिछले कुछ घंटे से एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रही थी, जिसमें कथित तौर पर एसपी देहात रामशरण प्रजापति द्वारा अपने ड्राइवर को अपशब्द कहने और डांटने की बात कही जा रही थी। इस ऑडियो के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठने लगे थे।
”यह मेरी आवाज़ नहीं है। किसी ने षड्यंत्र के तहत AI की मदद से मेरी फर्जी आवाज़ तैयार की है ताकि विभाग में भ्रम और विवाद की स्थिति पैदा हो सके।”
— संजीव चौधरी, ड्राइवर
गौरतलब है कि एसपी रामशरण प्रजापति की गिनती मध्य प्रदेश पुलिस के बेहद ईमानदार और मिलनसार अधिकारियों में होती है। वे अपने मृदुभाषी व्यवहार और कर्मचारियों के प्रति सहयोगात्मक रवैये के लिए जाने जाते हैं। उनके मातहत काम करने वाले कर्मचारियों का भी मानना है कि उनकी कार्यशैली हमेशा अनुशासनप्रिय लेकिन सम्मानजनक रही है। ऐसे में इस तरह का ऑडियो सामने आना विभाग के लोगों को भी गले नहीं उतर रहा था।




