भोपाल। राजधानी के हृदय स्थल पॉलिटेक्निक चौराहा (मानस भवन के पास) स्थित दशकों पुरानी आदिवासी बस्ती को शनिवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटा दिया। अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई सुबह 7 बजे शुरू हुई जो दोपहर 3 बजे तक चली। इस दौरान इलाके को छावनी में तब्दील कर बैरिकेडिंग कर दी गई थी।
कांग्रेस का तीखा विरोध, लाठीचार्ज
बस्ती हटाने की खबर मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। नेता वहीं धरने पर बैठ गए। विरोध के दौरान माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब एक युवक टावर पर चढ़ गया, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद नीचे उतारा गया। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और शबिस्ता जकी व आसिफ जकी सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

27 परिवारों का विस्थापन
प्रशासन के मुताबिक, इस 70 साल पुरानी बस्ती के 27 परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी में शिफ्ट किया जा रहा है। इस पूरी मुहिम को अंजाम देने के लिए प्रशासन ने 95 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तैनात की थी।
बड़ी बात: जहां प्रशासन इसे शहर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए जरूरी कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे गरीब आदिवासियों के साथ अन्याय करार दिया है।




