विदिशा। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के मुफ्त इलाज में धांधली करने वाले निजी अस्पतालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शहर के अरेरा हॉस्पिटल द्वारा एक मरीज से अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आने पर, स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल पर 1 लाख 12 हजार 860 रुपए का भारी-भरकम जुर्माना ठोका है।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) की संयुक्त जांच रिपोर्ट के बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, रायसेन के रहने वाले भगवान सिंह सेन इलाज के लिए अरेरा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका इलाज आयुष्मान कार्ड के अंतर्गत ही किया जा रहा था। अस्पताल प्रबंधन ने एक तरफ सरकार से योजना के तहत क्लेम की राशि भी ले ली और दूसरी तरफ नियमों को ताक पर रखकर मरीज के परिजनों से 37 हजार 620 रुपए नकद वसूल लिए। पीड़ित परिवार की शिकायत पर जब इस मामले की जांच हुई, तो अस्पताल की यह जालसाजी और नियमों (SOP) का उल्लंघन पूरी तरह सच पाया गया।
तीन गुना देना होगा जुर्माना
जांच में दोषी पाए जाने पर राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) के नियमों के तहत अस्पताल के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया। टीएमएस (TMS) पोर्टल पर दर्ज राशि का सीधा तीन गुना यानी 1 लाख 12 हजार 860 रुपए का जुर्माना अस्पताल पर लगाया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) रामहित तिवारी ने कहा:
“यह योजना गरीबों को मुफ्त और बेहतर इलाज देने के लिए है। कुछ निजी अस्पताल नियमों की अनदेखी कर मरीजों का शोषण कर रहे हैं, जिन्हें कतई बख्शा नहीं जाएगा। जिले के सभी आयुष्मान संबद्ध अस्पतालों की निगरानी की जा रही है, गड़बड़ी मिलने पर आगे भी ऐसी ही कठोर कार्रवाई होगी।”




