भोपाल/जबलपुर:
एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस और कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। भोपाल पुलिस ने मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह को जबलपुर जिला कोर्ट परिसर से हिरासत में ले लिया है। इस दौरान कोर्ट परिसर में समर्थ की पहचान छुपाने के लिए उसके कपड़े बदलवाए जाने और उसके मास्क लगाकर जज के कोर्टरूम में छिपे होने को लेकर ट्विशा के परिवार के वकील ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक के 4 बड़े अपडेट्स इस प्रकार हैं:
1. दिल्ली AIIMS की टीम करेगी दोबारा पोस्टमॉर्टम
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में एक बड़ा आदेश देते हुए ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए हैं। यह पोस्टमॉर्टम दिल्ली AIIMS के डायरेक्टर के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम द्वारा भोपाल AIIMS में किया जाएगा। हाईकोर्ट ने साफ किया है कि इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी और तब तक पुलिस को शव सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
2. CBI जांच के लिए केंद्र को पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इसकी CBI जांच कराने का फैसला किया है। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अपनी सहमति भेज दी है। बीते 20 मई को ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने पूर्व सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
3. रिटायर्ड जज की जमानत रद्द करने की मांग
ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत का राज्य सरकार ने कड़ा विरोध किया है। हाईकोर्ट में सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि जमानत मिलने के कारण आरोपी पक्ष जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, जिससे सबूतों के साथ छेड़छाड़ का खतरा है। सरकार ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की है।
4. मामला डिवीजन बेंच को रेफर
जस्टिस अवनींद्र सिंह की कोर्ट में शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने इसे आगे की सुनवाई के लिए डिवीजन बेंच (खंडपीठ) को रेफर कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को संबंधित पक्षों को नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ पत्रकार की नजर में: इस मामले में जिस तरह से एक रिटायर्ड जज (सास) का नाम सामने आया है और कोर्ट परिसर में आरोपी पति को छुपाने की कोशिश के आरोप लगे हैं, उसने पुलिस और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। लेकिन अब हाईकोर्ट के कड़े रुख, दोबारा पोस्टमॉर्टम के आदेश और सरकार द्वारा CBI जांच की सिफारिश के बाद पीड़िता के परिवार को निष्पक्ष न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है।



