भोपाल आम जनता की जेब पर महंगाई की मार थमने का नाम नहीं ले रही है। देश की पेट्रोलियम कंपनियों ने पिछले 9 दिनों के भीतर आज तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। शनिवार को पेट्रोल के दाम 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगे हो गए। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद अकेले मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमतें 1 रुपये या उससे अधिक तक बढ़ गई हैं।
मई महीने में ₹5 तक बढ़ा बोझ
चालू महीने (मई) में यह तीसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को करीब 3 रुपये और 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। कुल मिलाकर देखें तो महज तीन हफ्तों में पेट्रोल और डीजल करीब 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। अलग-अलग राज्यों और शहरों में लोकल टैक्स (वैट) की दरें भिन्न होने के कारण भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में इसके दाम अलग-अलग स्तर पर पहुंच गए हैं।
क्यों लग रहा है कीमतों को ‘करंट’?
इस लगातार हो रही बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आया भारी उछाल है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल, जो पहले 70 डॉलर प्रति बैरल पर था, अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के कारण घाटे की भरपाई के लिए तेल कंपनियों को यह कदम उठाना पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन और भी महंगा हो सकता है।



