भोपाल। राजधानी के पुराने भोपाल इलाके में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए पुलिस ने बीती देर रात एक बड़ा सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाया। यह कार्रवाई तलैया थाना क्षेत्र के व्यस्त बुधवारा चौराहे पर की गई, जिसका नेतृत्व ADCP शालिनी दीक्षित ने किया।
भारी बल के साथ घेराबंदी, संदिग्धों की ली तलाशी
चेकिंग के दौरान बुधवारा चौराहे को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। मौके पर कंट्रोल रूम का अतिरिक्त बल और एसीपी निशातपुरा अक्षय चौधरी भी मौजूद रहे। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने वहां से गुजरने वाले तमाम छोटे-बड़े वाहनों की सघन चेकिंग की। देर रात तक चले इस अभियान में संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई और उनके वाहनों की डिग्गी व कागजात खंगाले गए।
कार्रवाई में क्या मिला?
सूत्रों के मुताबिक सरप्राइज चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को दबोचा, जिनके पास से धारदार चाकू बरामद हुए हैं। चेकिंग के दौरान ड्रिंक एंड ड्राइव के कई मामले दर्ज किए गए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
चेकिंग की चमक के पीछे छिपे कुछ गंभीर सवाल
पुलिस का यह अभियान कानून व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक जरूरी कदम तो है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। एक तरफ जहां बुधवारा चौराहे पर पुलिस मुस्तैद दिखी, वहीं दूसरी तरफ इसी तलैया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इतवारा इलाके को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इतवारा इलाके में खुलेआम गांजे और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि चौराहे पर पैनी नजर रखने वाली पुलिस की नजरें इन गलियों में चल रहे अवैध नशे के कारोबार को क्यों नहीं देख पातीं?
बढ़ते क्राइम ग्राफ पर कब लगेगा ब्रेक?
राजधानी में आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं से जनता में असुरक्षा का माहौल है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि इस तरह के अस्थायी चेकिंग अभियानों के बावजूद शहर के बढ़ते क्राइम ग्राफ में कोई खास कमी क्यों नहीं आ रही है?
केवल मुख्य चौराहों पर नाकाबंदी करने से अपराध की जड़ को नहीं काटा जा सकता। जब तक पुलिस इतवारा जैसे संवेदनशील इलाकों में चल रहे अवैध नशे के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त नहीं करेगी, तब तक शहर में चोरी, चाकूबाजी और लूटपाट जैसी वारदातों पर लगाम लगाना नामुमकिन होगा। प्रशासन को अब दिखावे की चेकिंग से आगे बढ़कर अपराध की जड़ पर प्रहार करने की जरूरत है।




