भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पूर्व अधिकारियों की कुल 85.45 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। इसमें PWD के पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ गोविंद प्रसाद मेहरा और पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया शामिल हैं।
इंजीनियर मेहरा का आलीशान ‘फार्म हाउस रिसॉर्ट’
ED ने मेहरा की 67.25 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है। जांच में खुलासा हुआ कि मेहरा ने नौकरी के दौरान अपनी वैध आय से करीब 6 करोड़ रुपए अधिक की बेनामी संपत्ति बनाई। उन्होंने नर्मदापुरम के सैनी गांव में ‘कस्तूरी कृषि फार्म’ के नाम पर एक आलीशान रिसॉर्ट बना रखा था, जिसमें कॉटेज, स्वीमिंग पूल और खुद का तालाब तक मौजूद था। छापेमारी में उनके पास से करोड़ों के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी बरामद हुई।
आबकारी अधिकारी भदौरिया की संपत्ति आय से 459% अधिक
वहीं, पूर्व आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की 18.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। लोकायुक्त पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, भदौरिया की आय मात्र 2 करोड़ रुपए थी, जबकि उन्होंने 11.18 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित कर ली। यह उनकी ज्ञात आय से 459 प्रतिशत अधिक है। छापेमारी के दौरान मिले सोने-चांदी और नकदी के स्रोत को लेकर वे कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
एजेंसी ने यह कार्रवाई पीएमएलए (PMLA) के तहत की है। दोनों ही मामलों में आरोपी अधिकारी अपनी संपत्तियों का संतोषजनक हिसाब नहीं दे पाए।




