भोपाल:
त्योहारों और आम दिनों में शुद्धता बनाए रखने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग ने प्रदेशभर में मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। 20 जुलाई से 10 अगस्त के बीच विभाग ने दूध और दुग्ध उत्पादों के कुल 2,234 सैंपल लिए, जिनकी कीमत 2.73 करोड़ रुपए है। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- सैंपल और जब्ती: कुल 2,234 नमूनों में दूध (849), मावा (106), पनीर (296), घी (601) और अन्य उत्पाद शामिल हैं। इस दौरान 44 हजार किलो से ज्यादा संदिग्ध सामग्री जब्त की गई।
- असुरक्षित ब्रांड: भोपाल के द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन, भूमि, इंदौर के श्री सुधा, उज्जैन और डिंडौरी के कई घी ब्रांड्स के नमूने जांच में असुरक्षित पाए गए हैं।
- सख्त एक्शन: विभाग ने 8 लाइसेंस सस्पेंड किए हैं, 73 नमूने फेल होने पर 38 नए प्रकरण दर्ज किए गए हैं और एक मामले में एफआईआर भी कराई गई है।
- लापरवाही पर गाज: समीक्षा बैठक में काम में कोताही बरतने पर मुरैना के अवनीश गुप्ता, सागर की प्रीति राय और पन्ना के राजेश राय—इन तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा 42 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
पेट्रोल पंप सील, बुधवार को होगी जांच
भोपाल के 80 फीट रोड और जहांगीराबाद स्थित दो पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में पानी मिलने के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ था। खाद्य विभाग ने दोनों पंपों को सील कर दिया है। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि बुधवार को विशेष टीम मौके पर भेजकर मामले की पूरी जांच कराई जाएगी।




