भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भोपाल की जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने कंपनी के पूर्व सीईओ सुनील कुमार त्रिपाठी और अन्य आरोपियों के खिलाफ भोपाल की पीएमएलए विशेष अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दाखिल की है। इसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
ईडी का आरोप है कि कंपनी फर्जी प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर मिलावटी डेयरी उत्पादों को शुद्ध बताकर उनका निर्यात कर रही थी। इस काम में सुनील कुमार त्रिपाठी की मुख्य भूमिका बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी के स्टॉक में हेराफेरी कर उत्पादों को फर्जी बिलों के जरिए दूसरी फर्मों (जैसे सियाजीत एक्सपोर्ट्स और सुगम फूड्स) को बेचा गया। अवैध बिक्री से मिली रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर छिपाया गया था।
अब तक की कार्रवाई:
- संपत्ति कुर्क: ईडी ने इस मामले में अब तक करीब 23.59 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। हाल ही में सुनील कुमार त्रिपाठी की 3 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई थी।
- गिरफ्तारी: कंपनी के एमडी किशन मोदी और पूर्व सीईओ सुनील कुमार त्रिपाठी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और अभी जेल में हैं।
ईडी के मुताबिक, यह पूरा खेल स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र हासिल करने के लिए किया गया था। फिलहाल, एजेंसी धन के अन्य स्रोतों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।




