मुरैना। मध्य प्रदेश में स्कूलों में लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था शिक्षकों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। समय पर उपस्थिति दर्ज करने के दबाव के कारण सबलगढ़ विकासखंड के बामसौली निवासी शिक्षक पूरनचंद्र सोनी गंभीर हादसे का शिकार हो गए।
क्या है मामला?
शिक्षक पूरनचंद्र सोनी 2 जुलाई को भारी बारिश के बीच स्कूल जा रहे थे। ई-अटेंडेंस में अनुपस्थित न लग जाए, इस डर से वे जल्दबाजी में थे। इसी दौरान रामपुर घाटी के पास फिसलन भरी सड़क पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में शिक्षक को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी आंख में ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) जम गया है। साथी शिक्षकों ने उन्हें तुरंत सबलगढ़ अस्पताल पहुंचाया। घायल शिक्षक ने प्राचार्य को पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए दुर्घटना के कारण अनुपस्थिति से छूट की मांग की है।
शिक्षक संगठनों का सरकार पर हमला
इस घटना ने ई-अटेंडेंस प्रणाली की व्यवहारिकता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। शासकीय शिक्षक संगठन के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तकनीक से पहले संसाधनों की व्यवस्था जरूरी है। संगठनों ने सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं:
- ई-अटेंडेंस का वास्तविक उद्देश्य और अब तक का हासिल क्या है?
- जिन शिक्षकों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, वे क्या करें?
- इंटरनेट और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में उपस्थिति कैसे दर्ज हो?
शिक्षकों का साफ कहना है कि तकनीक का विरोध नहीं, लेकिन शिक्षकों पर प्रशासनिक बोझ और इस तरह के अनावश्यक मानसिक तनाव को खत्म किया जाना चाहिए।




