भोपाल। महिला एवं बाल अपराधों के निराकरण और अभियोजन पक्ष को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से रविवार को भोपाल के होटल सयाजी में एक दिवसीय संभागीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय शुक्ला ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर (जैसे अमेरिका) के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की कार्यप्रणाली से सीख लेकर अपने मामलों की पैरवी करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियोजन अधिकारियों की सुविधाओं और नए पदों से संबंधित प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जाएंगी।
विशिष्ट अतिथि लोक अभियोजन संचालक बी.एल. प्रजापति ने कहा कि बेहतर समन्वय से अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने में काफी सफलता मिली है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने साइबर अपराध व मोबाइल फॉरेंसिक, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा ने पॉक्सो व जेजे एक्ट, तथा पूर्व जिला न्यायाधीश डी.के. श्रीवास्तव ने केस की बारीकियों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला का सफल संचालन एडीपीओ सिमी रत्नम और जागृति पांडेय ने किया। इसमें भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा जिलों के अभियोजन अधिकारियों व लोक अभियोजकों ने हिस्सा लिया।






