भोपाल। राजधानी के टाइगर मूवमेंट एरिया (अकबरपुर) में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचाने का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह यहां जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाकर पहाड़ी को समतल किया जा रहा था, जिसकी चपेट में आकर कई पेड़ जड़ से उखड़ गए।
क्या है मामला?
बाघ एक्सपर्ट राशिद नूर के अनुसार, यह सरकारी जमीन (सर्वे नंबर-3) है, जहां अवैध उत्खनन और पेड़ों की कटाई कर अवैध प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। पर्यावरणविदों का आरोप है कि रसूखदारों ने राजस्व रिकॉर्ड (खसरों) से छेड़छाड़ की है।
एनजीटी के आदेशों की अनदेखी
नूर ने बताया कि इस क्षेत्र को लेकर पहले भी एनजीटी में शिकायत हो चुकी है, जिसके बाद स्पष्ट आदेश दिए गए थे कि सरकारी भूमि का सीमांकन किया जाए। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर आठ डिग्री से अधिक ढलान वाली जमीन पर निर्माण और प्लाटिंग का खेल जारी है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने पुलिस से शिकायत कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।




