भोपाल: देश के सबसे आधुनिक माने जाने वाले रानी कमलापति (RKMP) रेलवे स्टेशन पर कचरा प्रबंधन की पोल खुल गई है। पटरियों के किनारे और परिसर में बिखरे कचरे को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ी नाराजगी जताई है।
मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए एनजीटी बेंच (न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और न्यायिक सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी) ने रेलवे को कड़ी फटकार लगाई है।
जांच में सामने आईं ये खामियां
- पटरियों के किनारे गंदगी: निरीक्षण के दौरान पटरियों के पास और परिसर में कचरा जमा मिला।
- भंडारण क्षेत्र में सुधार की जरूरत: कचरा भंडारण और संचय की व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
- प्रभावी नियमों की कमी: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन पूरी सख्ती से करने के निर्देश दिए गए हैं।
एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि कचरा प्रबंधन केवल सफाई का मामला नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार से जुड़ा एक गंभीर विषय है। ट्रिब्यूनल ने संबंधित विभागों को व्यवस्था तुरंत सुधारने और नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।




