बालाघाट (मध्य प्रदेश): जिले के एक सरकारी कॉलेज में NCC एडमिशन के नाम पर छात्राओं से शारीरिक संबंध की मांग करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र सिंह कुशराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उच्च शिक्षा विभाग ने भी कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कॉलेज में NCC प्रभारी के रूप में तैनात आरोपी प्रोफेसर पर आरोप है कि उसने सीट खाली न होने का झांसा देकर एडमिशन दिलाने के एवज में मोबाइल पर मैसेज भेजकर अश्लील मांगें रखीं। पीड़िता ने बैहर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के मोबाइल मैसेज, वॉइस रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य पुलिस को सौंपे, जिसके आधार पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया। शुरुआत में इस मामले में सिर्फ एक छात्रा सामने आई थी, लेकिन पुलिस जांच का दायरा बढ़ने पर तीन और छात्राओं ने इसी तरह के गंभीर आरोप लगाए, जिससे कुल पीड़ितों की संख्या चार हो गई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवानी असाटी की अदालत ने आरोपी प्रोफेसर की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग के उपसचिव एल.के. खरे ने शनिवार को आरोपी के निलंबन आदेश जारी कर दिए, जिसके तहत निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय, जबलपुर तय किया गया है। पुलिस इस संवेदनशील मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।




