छतरपुर:
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी महिला सहायता केंद्र में रह रही दो नाबालिग बच्चियों के साथ वहीं की चार अन्य लड़कियों ने अमानवीय हरकत की। आरोप है कि एक बच्ची के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट (लैंगिक उत्पीड़न) किया गया और उसके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर वार किए गए।
घटना और कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- विवाद से शुरू हुई घटना: बाल कल्याण समिति (चाइल्ड हेल्पलाइन) की सुरक्षा में रखी गई दूसरे राज्य की एक पीड़िता की शुक्रवार रात केंद्र की अन्य बालिकाओं से किसी बात पर कहासुनी हो गई थी।
- चार लड़कियों पर गंभीर आरोप: 25 और 26 सितंबर की दरमियानी रात चार बालिकाओं ने मिलकर दोनों पीड़ितों को बुरी तरह पीटा। मारपीट में एक बच्ची की आंख और पेट में गंभीर चोटें आईं।
- अस्पताल में भर्ती: तबीयत बिगड़ने और अत्यधिक दर्द से तड़पने पर पीड़िता को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
- दो अलग-अलग FIR दर्ज: पीड़िता के बयान और केंद्र प्रबंधन के आवेदन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर ली हैं। आरोपी बालिकाएं भी नाबालिग हैं, इसलिए उनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल:
घटना के बाद एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। केंद्र में तैनात होमगार्ड और प्राइवेट गार्ड्स की भूमिका के साथ-साथ वहां लगे CCTV कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि इतनी बड़ी घटना के दौरान सुरक्षा में कहां चूक हुई।



