भोपाल:
अपनी मेहनत की कमाई और विभिन्न योजनाओं के लंबित भुगतानों को लेकर गुरुवार को भोपाल स्थित मध्य प्रदेश मत्स्य महासंघ (सहकारी मर्यादित) के संचालक कार्यालय पर सैकड़ों मछुआरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हलाली डैम से जुड़े इन मछुआरों ने दफ्तर का घेराव करते हुए अधिकारियों पर गंभीर उदासीनता के आरोप लगाए और सीजीएम रवि गजभिए को ज्ञापन सौंपा।
मुख्य बिंदु:
- रुका हुआ भुगतान: मछुआरों का कहना है कि हर साल जुलाई में मिलने वाला ‘डिफर्ड वेज’ (Deferred Wage) इस बार अब तक नहीं मिला है।
- लंबित योजनाएं: 80-20 नाव-जाल योजना, मीनाक्षी विवाह योजना, मृत्यु सहायता राशि और प्रोत्साहन योजना का पैसा भी लंबे समय से अटका हुआ है।
- आर्थिक संकट: भुगतान न मिलने से परिवारों के सामने बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, इलाज और घर चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
- कार्यालयों के चक्कर: मछुआरों का आरोप है कि अधिकारी कभी नए दस्तावेजों तो कभी अपनी अनुपस्थिति का हवाला देकर उन्हें सिर्फ टाल रहे हैं।
- आंदोलन की चेतावनी: मछुआरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री और मत्स्य पालन मंत्री तक अपनी बात पहुंचाकर आंदोलन को और तेज करेंगे।




