मुरैना | जिले में शिक्षा विभाग की लाचारी और मनमानी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। औचक निरीक्षण के दौरान चार स्कूलों में 1144 बच्चों में से मात्र 60 बच्चे ही उपस्थित मिले। सबसे हैरान करने वाला मामला पहाड़गढ़ ब्लॉक के ‘पोखर का पुरा’ प्राइमरी स्कूल का है, जहां हेडमास्टर अमरलाल रावत खुद महीनों से गायब थे और उनकी जगह 4500 रुपये महीने पर एक स्थानीय युवती बच्चों को पढ़ा रही थी।
मुख्य बिंदु:
- हेडमास्टर नदारद: जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बीएस इंदौलिया जब शनिवार दोपहर 12 बजे स्कूल पहुंचे, तो हेडमास्टर अमरलाल रावत ड्यूटी से गायब मिले। क्लासरूम में प्रीति रावत नाम की युवती बच्चों को पढ़ाती मिली।
- बच्चों का खुलासा: छात्रों ने डीईओ को बताया कि हेडमास्टर साहब तो कभी-कभार ही आते हैं, उन्हें तो सिर्फ ‘मैडम’ ही पढ़ाती हैं।
- वेतन खुद ले रहे थे हेडमास्टर: जांच में सामने आया कि मिलीभगत के जरिए हेडमास्टर साहब खुद 65 हजार रुपये महीने का वेतन उठा रहे थे और स्कूल की जिम्मेदारी गांव की युवती को सौंप रखी थी।
- कलेक्टर की सख्त कार्रवाई: स्कूल की इस बदहाली और फर्जीवाड़े से खफा होकर कलेक्टर ने हेडमास्टर अमरलाल रावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
- अन्य पर भी गाज: मामले में लापरवाही बरतने वाले दो जनशिक्षकों को तलब किया गया है, जबकि कम छात्र संख्या वाले अन्य संस्था प्रभारियों की वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की जा रही है।




