भोपाल:
राजधानी के शाहपुरा थाना क्षेत्र में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। नाइट गश्त के दौरान शराब पी रहे दो युवकों को थाने चलने के लिए कहना एक आरक्षक को भारी पड़ गया। आरोपियों ने आरक्षक को अपनी कार में बैठाया और रातभर बंधक बनाकर शहर में घुमाते रहे, साथ ही उनके साथ मारपीट भी की।
क्या है पूरा मामला?
रात की ड्यूटी के दौरान शाहपुरा थाने के आरक्षक सुंदर पटेल और मयंक ठाकुर गश्त करते हुए दाना पानी रेस्टोरेंट के पास पहुंचे। वहां भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव कार में बैठकर शराब पी रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने चलने को कहा। आरक्षक मयंक बाइक से थाने निकले, जबकि सुंदर पटेल दोनों आरोपियों की कार में बैठ गए।
लोकेशन शेयर करते ही शुरू की मारपीट
रास्ते में आरोपियों ने आरक्षक सुंदर पटेल को बंधक बना लिया और एमपी नगर की तरफ गाड़ी दौड़ा दी। वे आरक्षक को जंगल में फेंकने की धमकी दे रहे थे। हिम्मत दिखाते हुए आरक्षक ने अपने मोबाइल से साथी मयंक को लाइव लोकेशन भेज दी। जैसे ही आरोपियों को इसकी भनक लगी, उन्होंने मारपीट और तेज कर दी।
चलती कार से कूदे आरक्षक
दूसरा आरक्षक मयंक लोकेशन के आधार पर बाइक से उनका पीछा करता रहा। गणेश मंदिर और डीबी मॉल के पास ट्रैफिक देखकर जब कार की रफ्तार धीमी हुई, तो सुंदर पटेल ने चलती कार का दरवाजा खोला और छलांग लगा दी। इसके बाद आरोपी कार लेकर फरार हो गए।
गिरफ्तार हुए आरोपी
पुलिस ने कार नंबर और सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों—भूपेंद्र शर्मा (निवासी गंजबासौदा) और ऋषि नामदेव (निवासी बावड़िया कला)—को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी भूपेंद्र पर विदिशा में हत्या के प्रयास का पुराना मामला दर्ज है।
शाहपुरा पुलिस ने अपहरण, शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है। इस जुर्म में आरोपियों को 10 साल तक की सजा हो सकती है।




