भोपाल:
राज्य के मोबाइल नेटवर्क विहीन (बिना नेटवर्क वाले) सरकारी विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। उनके लंबित मानदेय भुगतान और वर्तमान सत्र में री-ज्वाइनिंग की प्रक्रिया को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने गंभीर रुख अपनाया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे स्कूलों और वहां तैनात अतिथि शिक्षकों की पूरी जानकारी 11 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से भेजें।
मुख्य बिंदु:
- डेटा तलब: DPI ने विद्यालयों का नाम, यू-डाइस कोड, अतिथि शिक्षकों के नाम और ट्राइबल आईडी जैसे विवरण ई-मेल के जरिए मांगे हैं।
- समिति की मांग: अतिथि शिक्षक समन्वय समिति (मप्र) के प्रांताध्यक्ष सुनील परिहार ने नर्मदापुरम, कटनी और देवास जिलों के शिक्षकों का लंबित मानदेय जल्द जारी करने और री-ज्वाइनिंग की मांग उठाई थी, जिसके बाद यह प्रशासनिक कार्रवाई तेज हुई है।
- ई-अटेंडेंस का बदला समय: एक पाली में संचालित होने वाले स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस का समय सुबह 11.30 बजे से घटाकर 10.30 बजे कर दिया गया है।
- शिक्षकों की चिंता: शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की समस्याओं का हवाला देते हुए समय सीमा पर चिंता जताई है और इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।




