देवास की बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) पुलिस ने शादी के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले एक लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी दुल्हन समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी धार जिले के रहने वाले हैं और फर्जी रिश्तेदार बनकर इस ठगी को अंजाम देते थे।
फर्जी रिश्तेदार बनकर किया था नाटक
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में नंदिनी मेहरा उर्फ रोशनी, उसकी मां शकुनबाई, रवि जरिया और सोनिया केवट शामिल हैं। ये सभी युवक के परिवार के सामने अलग-अलग रिश्तेदार बनकर पेश हुए थे। शकुनबाई ने मां, रवि जरिया ने जीजा और सोनिया केवट ने बहन की भूमिका निभाकर परिवार का भरोसा जीता था।
तिलक से लेकर शादी तक ऐंठे 1 लाख 81 हजार रुपए
गिरोह ने रिश्ता तय करने के बाद तिलक और शादी के विभिन्न चरणों के नाम पर कुल 1 लाख 81 हजार रुपए ले लिए। इसके बाद 3 जुलाई को धामनोद के एक मंदिर में नंदिनी की शादी तय युवक से करा दी गई। शादी के बाद दुल्हन देवास ससुराल पहुंची और पति के साथ रहने लगी।
दो दिन बाद रात में नगदी लेकर फरार
नंदिनी ससुराल में महज दो दिन ही रुकी। इसके बाद 7 अगस्त की रात जब पति सो रहा था, तब वह मौका पाकर घर से फरार हो गई। परिजनों द्वारा काफी तलाशने पर भी उसका कुछ पता नहीं चला, जिसके बाद बीएनपी थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई।
अन्य वारदातों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने पहले भी इस तरह की कितनी वारदातों को अंजाम देकर लोगों को ठगा है।




