भोपाल शहर की मल्टी-लेवल पार्किंग व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बना दिया गया है। अब वाहन चालकों को पार्किंग शुल्क के भुगतान के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यहां फास्टैग, यूपीआई और मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू कर दी गई है।
इस नई व्यवस्था की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- फास्टैग से ऑटोमैटिक एंट्री-एग्जिट: पार्किंग के प्रवेश और निकास द्वारों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग को स्कैन कर स्वतः रिकॉर्ड दर्ज कर लेते हैं।
- समय की बचत: डिजिटल और ऑटोमैटिक प्रक्रिया होने के कारण वाहन चालकों को बिना रुके तेजी से आने-जाने की सुविधा मिलती है, जिससे समय की बचत होती है।
- वैकल्पिक भुगतान विकल्प: यदि किसी वाहन का फास्टैग काम नहीं करता है, तो चालक क्यूआर कोड, यूपीआई या जरूरत पड़ने पर नकद भुगतान भी कर सकते हैं।
बता दें कि इसी साल 9 जुलाई से शहर की प्रमुख पार्किंग में कैशलेस व्यवस्था लागू करते हुए नकद भुगतान को प्रतिबंधित किया जा चुका है, जिससे नागरिकों को सुव्यवस्थित और आधुनिक पार्किंग का लाभ मिल रहा है।




