इंदौर:
कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने इंदौर के IDA ग्राउंड में देश के पांचवें और इंदौर के पहले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का आगाज किया। इस बड़े आयोजन में हिस्सा लेने के लिए 20 से 25 हजार युवा पहुंचे, जिससे कार्यक्रम के लिए बनाया गया पूरा डोम खचाखच भर गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में युवाओं ने ‘शेर आया-शेर आया’ के नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान राहुल गांधी ने मुख्य विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ पर खुलकर बात की।
पेपर लीक और बेरोजगारी पर गंभीर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि कोटा, पुणे और देहरादून के बाद अब इंदौर में छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने देश के युवाओं के सामने आ रही बड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा:
- प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती में देरी से युवा परेशान हैं।
- शिक्षा की बढ़ती लागत और निजीकरण के कारण आम परिवार के बच्चों के लिए पढ़ाई कठिन होती जा रही है।
- संस्थागत विफलता और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही है।
युवाओं पर राजनीतिक दलों की नजर
भारत में 15 से 29 वर्ष की आयु के लगभग 36.7 करोड़ युवा हैं, जो आने वाले समय के अहम मतदाता हैं। कांग्रेस इसी बड़े वर्ग को साधने के लिए शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था की कमियों को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना रही है। इस कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख युवाओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था, जो युवाओं में बढ़ती राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता को दिखाता है।




