भोपाल:
राज्य सरकार की स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री में पटवारियों को ‘निष्पादक’ (रजिस्ट्रीकर्ता) बनाने के विरोध में प्रदेशभर के पटवारी खुलकर सामने आ गए हैं। मंडला और रायसेन जिले के प्रशासनिक अधिकारियों पर अभद्रता और कार्रवाई की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाते हुए पटवारियों ने मोर्चा खोल दिया है।
पटवारी संघ का आरोप है कि रायसेन और मंडला में अधिकारियों द्वारा पटवारियों के मोबाइल जबरन जब्त कराए गए और नौकरी से हटाने की धमकियां दी गईं, जिससे मैदानी अमले में भारी मानसिक तनाव और असंतोष का माहौल है। इसी विरोध स्वरूप मंडला तहसील के पटवारी कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पटवारी संघ ने घोषणा की है कि प्रदेशभर के पटवारी आगामी 19 और 20 सितंबर को डिजिटल अवकाश पर रहेंगे और स्वामित्व योजना से जुड़ा कोई भी कार्य नहीं करेंगे।
इस बीच, राजधानी स्थित प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय में शनिवार को पटवारी संघ और प्रमुख राजस्व आयुक्त के बीच रजिस्ट्री की जिम्मेदारी को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में पटवारियों ने खुद को निष्पादक की जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त करने की मांग प्रमुखता से रखी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार की सहमति न बन पाने के कारण यह बैठक बेनतीजा समाप्त हुई। मंडला और रायसेन के अधिकारियों के कथित अभद्र रवैये पर आयुक्त ने माना कि ऐसे मामलों में तरीका गलत अपनाया गया है।
खास बात यह है कि इस योजना को लेकर केवल पटवारी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के तहसीलदार और कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ के पदाधिकारी भी अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। इसी क्रम में आयुक्त कार्यालय में पटवारी संघ के बाद तहसीलदार संघ के साथ भी बैठकों का दौर जारी है।



