भोपाल:
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की एमपी नगर शाखा में हुए बड़े फर्जीड़े का खुलासा किया है। फर्जी दस्तावेजों और रसीदों के सहारे लोन मंजूर कराकर लाखों रुपये हड़पने के मामले में तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राहुल भोसले, फाइनेंशियल एडवाइजर राजीव राजपूत और दो फर्मों के संचालकों समेत 5 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
जांच में सामने आया कि लोन के लिए मार्जिन मनी दिखाने के वास्ते फर्जी रसीदें लगाई गईं और मशीन सप्लाई करने वाली फर्म ‘विशाल इंटरप्राईसेस’ का बैंक में दिया गया पता व कोटेशन पर दर्ज GST नंबर भी फर्जी निकला। एक युवा कारोबारी के नाम पर उसके मामा ने 10 लाख रुपये का लोन लिया था, लेकिन मामा की मौत के बाद जब बैंक ने रिकवरी शुरू की, तब पीड़ित को इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। शिकायतकर्ता को न तो लोन मिला और न ही कोई मशीन, बल्कि लोन की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर आपस में बांट ली गई।
EOW की छानबीन में ऐसे ही 4 लोन प्रकरण मिले जिनमें मशीन के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया था। ये सभी खाते बाद में NPA हो गए, लेकिन मामलों की जानकारी होने के बावजूद शाखा प्रबंधक ने कोई कार्रवाई नहीं की। EOW भोपाल ने बैंक मैनेजर राहुल भोसले, फाइनेंशियल एडवाइजर राजीव राजपूत, ‘विशाल इंटरप्राईसेस’ की संचालक नईमा अली व कमर अली और ‘ग्लोबल मार्केटर्स’ के संचालक उमर अली के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश के तहत मामला दर्ज कर लिया है और बैंक से अन्य रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी कर रही है।



