भोपाल:
राजधानी के बैरागढ़ इलाके में 19 वर्षीय ऑटो चालक सतीश योगी ने चूहामार दवा पीकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से सीहोर के ग्राम मंदखेड़ा के रहने वाले सतीश बैरागढ़ कलां में अपनी बहन ज्योति के साथ रहते थे और पिछले सात साल से भोपाल में रहकर ऑटो चला रहे थे, जबकि उनकी बहन कपड़े की दुकान पर काम करती है।
मृतक की बहन ज्योति ने आरोप लगाया है कि सतीश गांव के रहने वाले देवेंद्र मीणा का ऑटो किराए पर चलाता था। कुछ दिन पहले ऑटो से कुछ रकम गायब हो गई थी, जिसके बाद देवेंद्र और उसके भाई दीपक ने सतीश पर चोरी का आरोप लगाते हुए पंद्रह हजार रुपये लौटाने का दबाव बनाया। आरोप है कि रकम न देने पर दोनों भाई सतीश को लगातार जान से मारने की धमकी देते थे और घर आकर उसके साथ मारपीट भी की थी। परिजनों के अनुसार, आरोपी देवेंद्र हाल ही में चोरी के एक मामले में जेल से बाहर आया था।
रविवार रात सतीश चूहामार दवा पीने के बाद घर लौटा था और सोमवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। अस्पताल में पुलिस को दिए गए बयानों में सतीश ने खुद दोनों भाइयों की प्रताड़ना से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात कही थी। बैरागढ़ पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और मौके से सुसाइड नोट न मिलने के कारण परिजनों के आरोपों के आधार पर हर एंगल से गहराई से जांच कर रही है।




