कोरोना के संकट में बीते दो सालों से संक्रमितों की सैंपलिंग, टेस्टिंग, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग से लेकर संक्रमण के बीच रहकर इलाज करने वाले कोरोना योद्धा इन दिनों भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर भीख मांग रहे हैं। एनएचएम से 31 मार्च को सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद इन योद्धाओं ने राजधानी में डे़रा डाल लिया है। वित्त मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से मिलने के बाद कोरोना योद्धाओं ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर भीख मांगी। कोविड-19 योद्धा संघर्ष संगठन के नेता डॉ.देवेन्द्र सूर्यवंशी ने कहा कि जब तक हमारी संविदा नियुक्ति के आदेश नहीं हो जाते हम अपने घर वापस नहीं जाएंगे।
राहगीरों को बता रहे कि संकट में साथ देने वाले योद्धाओं को सरकार ने अकेला छोड़ा
सिग्नल पर गाडियां खड़ी होते ही पीपीई किट में एनएचएम द्वारा हटाए गए अस्थाई कोरोना योद्धा कटोरा लेकर भीख मांगने पहुंच जाते हैं। वाहन चालकों को निष्कासित हेल्थवर्कर्स यह बता रहे हैं कि भीषण संक्रमण के दौर में अपनी और परिवार की जान की परवाह छोड़कर सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को अब बाहर कर दिया गया है। इससे दस हजार परिवार प्रभावित हुए हैं।




