भोपाल में दो दिन में लूट के तीन मामले सामने आए हैं। यह वारदातें गोविंदपुरा, कोलार और अशोका गार्डन में हुईं। पुलिस अब तक एक लूट ट्रेस कर सकी है। दो वारदातों के आरोपी अब भी पकड़ से दूर हैं। ताजा मामला कोलार का है।
यहां पर 66 साल की बुजुर्ग महिला के गले से एक बदमाश सोने की चेन लूट ले गया। वारदात शनिवार शाम करीब 6:30 बजे की है। उस समय बुजुर्ग कमलेश कुमारी अपनी पड़ोसी के साथ टहलने निकली थीं। सामने से आया बदमाश उनकी तरफ झपटा और गले से सोने की चेन खींचकर भाग निकला।

डायल-100 पर आई सूचना के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी संजय सोनी ने बताया कि बदमाश की पहचान पंकज सरकार के रूप में हुई, जो पिपलानी थाने का निगरानीशुदा बदमाश है। इस पर लूट, एनडीपीएस सहित कुल 21 अपराध हैं। साथ ही कोर्ट से चार स्थायी वारंट में उसकी तलाश थी।
अकाउंटेंट से लूट में करीबियों पर शक
शनिवार शाम गोविंदपुरा में रचना नगर के पास बंसल वन के अकाउंटेंट दीपेश जोशी से हुई लूट का है। बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ रही है। एसीपी दीपक नायक ने बताया कि बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। चारों बदमाश बंसल वन के ऑफिस से ही अकाउंटेंट के पीछे लगे थे।
अकाउंटेंट के पीछे चारों बदमाश एमपी नगर से चेतक, फिर रचना नगर तक पहुंचे थे। अब तक की जांच में पुलिस मान रही है। लूट के पीछे कोई कर्मचारी है। संदेह के आधार पर कई लोगों के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली गई है। इससे कई अहम सुराग पुलिस के हाथ आए हैं। एसीपी का कहना है जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
अशोका गार्डन में एक संदेही हाथ आया
अशोका गार्डन से स्टेशन जाते समय राकेश कुमार से बैग लूटने के मामले में एक संदेही पुलिस के हाथ आया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस बाकी दो बदमाशों की तलाश में है। पुलिस ने बदमाशों के ठिकानों पर दबिश दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी बदमाशों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
3 साल की सजा काटकर 3 महीने पहले छूटे, फिर चोरी में पकड़े गए
कमला नगर पुलिस ने तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो चोर 3 साल की सजा काटने के बाद 3 महीने पहले ही जेल से छूटे थे। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर 13.50 लाख रुपये का माल बरामद किया है। गिरोह का सरगना बेंगलुरू का रहने वाला है, जो चोरी करने भोपाल आता था। गिरोह से अब तक 6 चोरियां खुल चुकी हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे और भी चोरियों का खुलासा हो सकता है।
एडिशनल डीसीपी जोन-1 रश्मि दुबे अग्रवाल ने बताया कि गिरोह का सरगना नियाज खान है। वह बेंगलुरू का मूल निवासी है। भोपाल के राजू खत्री और सीहोर के आबिद खान के साथ मिलकर वह शहर में चोरियां कर रहा था। नियाज और राजू कुछ महीने पहले ही 3-3 साल की सजा काटकर जेल से बाहर आए थे।
तीनों ने हाल ही में सतीश कुमार नेमा के घर चोरी की थी। घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों की पहचान हुई। पूछताछ में आरोपियों ने कमला नगर, कोतवाली और तलैया इलाके में चोरी की वारदातें कबूल की हैं।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करते थे वारदात
पुलिस ने गिरोह से चोरी की बाइक बरामद की है। इस बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी की बाइक से वारदात करने जाते थे। पुलिस से बचने के लिए बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई जाती थी। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की 3 मोटरसाइकिलें और सोने-चांदी के गहने बरामद किए हैं।
ठिकाने बदलकर बचते थे पुलिस से पुलिस से बचने के लिए तीनों लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे। पुलिस यह पता लगा रही है कि ये कहां-कहां किराए के मकानों में रह चुके हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिन के समय मकानों की रेकी करते थे। मौका मिलने पर दिन में ही मकानों के ताले तोड़कर चोरी कर लेते थे। लगातार चोरियां करने के बाद वे भोपाल छोड़ने की तैयारी में थे।




