भोपाल। राजधानी भोपाल में आवासीय भवनों (Residential Buildings) में गैर-कानूनी तरीके से चल रही कमर्शियल गतिविधियों पर नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और नगरीय विकास विभाग के निर्देशों के बाद निगम ने अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर से इस अभियान की शुरुआत कर दी है।
नोटिस जारी, जवाब न देने पर होगी कार्रवाई
नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा ने मप्र भूमि विकास नियम 2012 का हवाला देते हुए उन भवनों को नोटिस थमाए हैं, जहां रिहायशी घरों में अस्पताल, बैंक, होटल, शोरूम या ऑफिस चल रहे हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
पूरे शहर में होगा सत्यापन
निगम ने सभी जोनों में विशेष सर्वे दल गठित किए हैं। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, चार साल पहले ही अरेरा और रोहित नगर में 150 से अधिक ऐसे मामले सामने आए थे। अब निगम पुराने रिकॉर्ड के साथ-साथ नए सिरे से भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर रहा है।
25 हजार संपत्तियों पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, भोपाल में ऐसी करीब 25 हजार संपत्तियां हैं जो रिकॉर्ड में तो आवासीय हैं, लेकिन वहां व्यावसायिक गतिविधियों के नाम पर कमर्शियल टैक्स वसूला जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 20 मई को लैंड यूज में बदलाव और अनधिकृत निर्माण पर रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद निगम अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। कोलार सहित शहर के अन्य इलाकों में भी जल्द ही टीम पहुंचेगी।



