नई कोलार पाइप लाइन से पानी सप्लाई शुरू करने में नगर निगम की प्लानिंग फेल हो गई। 4 दिन के इंतजार के बाद रविवार को भी शहर की 12 लाख (60%) आबादी को पानी नहीं मिला। अरेरा कॉलोनी और आसपास के कुछ इलाकों में पानी की जगह कीचड़ सप्लाई हुआ। यह देख अन्य कॉलोनियों की सप्लाई रोकी गई व फिर से लाइन की सफाई (स्कावर) का काम शुरू हुआ।
5 साल से बिछ रहे थे पाइप, इसलिए इतनी गंदगीकोलार लाइन का काम 2017 से चल रहा था। 1650 मिमी व्यास की मुख्य लाइन में ज्यादातर पाइप 5 साल से लेकर 1 साल पहले बिछ चुके थे। इतनी लंबी अवधि बीत जाने से पाइप में गंदगी बहुत ज्यादा थी। इसे साफ होने में 24 से 36 घंटे लगते हैं, लेकिन निगम के इंजीनियरों ने जब लाइन कनेक्ट करने का प्लान बनाया उस समय स्कावर में लगने वाले इस समय को कैलकुलेट नहीं किया।2000 रुपए में मिला टैंकरगुलमोहर के आरके शर्मा ने बताया कि आमतौर पर 300-400 रुपए में मिलने वाले टैंकर के लिए रविवार को 2 हजार चुकाना पड़े।सबसे अनुभवी इंजीनियर एआर पवार के हाथ में कमान, फिर भी यह हालपानी सप्लाई की व्यवस्था संभाल रहे चीफ इंजीनियर एआर पवार को निगम ने 2 साल पहले रिटायरमेंट के बाद भी संविदा नियुक्ति दी। कहा था कि उनके अनुभव का लाभ मिलेगा, पर डेढ़ साल का प्रोजेक्ट 5 साल में पूरा हुआ व 4 दिन से शहर को पानी भी नहीं मिला। मामले में अपर आयुक्त रिजु बाफना व पवार ने बात करने से मना कर दिया।पानी पर भी पॉलिटिक्समंत्री ने जताई नाराजगी, प्रज्ञा ने फोन पर कमिश्नर को लगाई फटकारनगरीय आवास एवं विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पानी सप्लाई शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई है। सांसद प्रज्ञा सिंह ने फोन पर बात करके निगम कमिश्नर को फटकार लगाई। कहा कि आपने यह बिना योजना के कैसे कर लिया। पहले योजना बनाना चाहिए थी।कांग्रेसियों ने फोड़े मटकेकांग्रेस विधायक पीसी शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने निगम के माता मंदिर दफ्तर पर मटके फोड़कर प्रदर्शन किया। इसके बाद पीसी व गुड्डू चौहान रिवेयरा टाउनशिप पहुंचे। यहां उन्होंने पहले कर्मचारियों को फटकार लगाई। थोड़ी देर बाद सिटी इंजीनियर जेडए खान मौके पर पहुंच गए। खान को गुड्डू ने जमकर फटकारा और अपशब्द भी कहे।20 घंटे के स्कावर के बाद भी साफ पानी नहीं आया4 दिन बाद भी शहर में कोलार लाइन से सप्लाई क्यों नहीं हुआ?पाइप लाइन तो चालू हो गई, लेकिन साफ पानी के लिए स्कावर में टाइम लग गया, इस वजह से यह स्थिति बनी।क्या इस बात का अनुमान पहले नहीं लगाया जा सका था कि लाइन साफ करने में कितना समय लगेगा?20 घंटे के स्कावर के बाद भी साफ पानी नहीं आया, इसमें कुछ नहीं किया जा सकता।जनता परेशान है, इसका क्या हल है और किसी पर कार्रवाई करेंगे क्या?सोमवार को शहर में पानी सप्लाई हो जाएगा। एक-दो दिन मटमैला पानी आ सकता है। मुझे इस मामले में किसी पर कार्रवाई की जरूरत महसूस नहीं होती।




