
भोपाल पुलिस कमिश्नरेट, यूनिसेफ मध्यप्रदेश एवं आरम्भ संस्था के सहयोग से आज दिनांक 23 नवम्बर 2022 नगरीय पुलिस भोपाल के आला अधिकारियों हेतु किशोर न्याय अधिनियम एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के नवीन संशोधनों एवं आर्दश नियम से संबंधित विषयों पर लीडरशिप चाइल्ड प्रोटेक्शन वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर पुलिस आयुक्त श्री मकरंद देउस्कर एवं विशेष अतिथि के रुप में यूनिसेफ मध्यप्रदेश से बाल संरक्षण विशेषज्ञ लॉलीचेन पी० जोसेफ, श्रीमती अद्वैता मराठे, अमरजीत कुमार सिंह एवं आरम्भ संस्था से निदेशक अर्चना सहाय एवं नगरीय पुलिस भोपाल के DCP मुख्यालय श्री विनीत कपूर, DCP जोन 1 श्री साई कृष्णा, DCP जोन 2 श्रीमती श्रद्दा तिवारी, DCP ट्रेफिक श्री हंसराजसिंह, DCP असूचना/सुरक्षा श्री विजय भागवानी समेत आला अधिकारी कार्यशाला में सम्मिलित हुए।
कार्यशाला के प्रारंभ में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्री विनीत कपूर द्वारा भोपाल जिले में विगत 1 वर्ष में पंजीकृत बच्चों से संबंधित अपराधों एवं कार्यवाईयों को डाटा के रूप में प्रस्तुत किया गया ताकि भोपाल जिले की स्थिति को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।
पुलिस आयुक्त श्री मकरंद देउस्कर ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए विगत वर्ष में भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के द्वारा बस्ती एवं विभाग स्तर पर आयोजित शिविरों/कार्यक्रमों के विषय में जानकारी साझा की। साथ ही अगले वर्ष भोपाल पुलिस के द्वारा किए जाने वाले नवाचारों के विषय एवं उसकी प्रक्रिया के विषय में वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होँने कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हित में कानूनों का क्रियान्वन हो। पुलिस अफसर बच्चों के संरक्षण कानूनों को सर्वोपरिणता से क्रियान्वित करें, साथ ही जोन स्तर पर झुग्गी बस्तियों क्षेत्र एवं कालोनियो में बच्चों के संरक्षण हेतु कार्यशाला आयोजित करें। कार्यशाला में अद्वैता मराठे बाल संरक्षण अधिकारी यूनिसेफ मध्यप्रदेश के द्वारा भोपाल सहित अन्य जिलों में पुलिस विभाग एवं यूनिसेफ मध्यप्रदेश के साझा सकारात्मक पहल एवं प्रयासों के विषय में जानकारी साझा की एवं कार्यशाला के उद्देश्य के विषय में बताया।
कार्यक्रम के अगले चरण में अमरजीत कुमार सिंह के द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत विगत वर्ष में हुए संशोधनों से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत करवाया गया। बाल संरक्षण से संबंधित सभी व्यवस्थाओं , उनकी प्रक्रियाओं एवं पुर्नवास में व्यवस्थाओं की भूमिका पर चर्चा की गई। कार्यशाला को आगे बढ़ाते हुए श्रीमती अर्चना सहाय ने पॉक्सो अधिनियम से संबंधित प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं पर प्रतिभागियों से चर्चा की। सभी प्रतिभागियों ने अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत पंजीकृत पॉक्सों के प्रकरणों में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की और पीडि़त प्रतिकर योजना के विषय में प्रतिभागियों को जानकारी दी।
कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों ने अधिनियमों से संबंधित प्रश्न किए और संचालकों के द्वारा सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए एवं प्रक्रियाओं को स्पष्ट रूप से समझाया गया। कार्यशाला के अंतर्गत में लॉलीचेन पी०जोसेफ जी ने सभी मुख्य अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए, आगामी समय में यूनिसेफ एवं पुलिस विभाग के द्वारा किए जाने वाले संयुक्त प्रयासों पर कार्ययोजना बनाने के लिए चर्चा प्रस्तावित की गई।




