भोपाल। राजधानी के अशोका गार्डन इलाके में चाय कारोबारी विजय मेवाड़ा की नृशंस हत्या के मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के साथ हुई इस ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ में आरोपी के पैर में गोली लगी है।

क्या था पूरा मामला?
रविवार देर रात करीब 1:30 बजे सुभाष कॉलोनी निवासी विजय मेवाड़ा (35) अपनी चाय की दुकान बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने प्रगति नगर गए थे। वहां आरोपी आसिफ अपने साथियों फरमान, कालू और इमरान के साथ बैठा था। जब आरोपियों ने कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की, तो विजय ने बीच-बचाव करते हुए आसिफ को ‘बेटा’ कहकर समझाने की कोशिश की। इसी बात पर तैश में आकर आसिफ ने विजय के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
सड़कों पर उतरा आक्रोश
इस हत्याकांड के बाद शहर में भारी जनाक्रोश देखा जा रहा है। बुधवार को सकल हिंदू समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों ने रोशनपुरा चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया।
- बैरिकेडिंग तोड़ी: प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया।
- चक्काजाम: पॉलिटेक्निक चौराहे पर पुलिस ने जब भीड़ को रोका, तो प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
- परिजनों की मांग: परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और उनके अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
हत्या के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। बुधवार को हुई घेराबंदी के दौरान आसिफ ने भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने गोली चलाई। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
“अपराधियों के मन में कानून का खौफ होना जरूरी है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” — पुलिस प्रशासन




