भोपाल। शहर में शनिवार रात हुई तेज बारिश ने नगर निगम और बिजली कंपनी के दावों की पोल खोल दी है। महज सवा इंच बारिश से ही शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।
सड़कों पर भरा पानी, जीएमसी हॉस्टल भी डूबा
पुराने शहर के शिवनगर, सुंदरनगर और करोंद इलाकों में सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया, जिससे वे तालाब जैसी नजर आने लगीं। स्थिति यह रही कि सुंदरनगर में खड़ी दोपहिया वाहन बहने से मुश्किल से बचीं। वहीं, गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के नवनिर्मित सी-ब्लॉक बॉयज हॉस्टल के ग्राउंड फ्लोर और 15 कमरों में पानी घुस गया। वीडियो वायरल होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।
बिजली व्यवस्था चरमराई
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने बिजली व्यवस्था को भी ठप कर दिया। कोलार, बावड़ियाकलां, होशंगाबाद रोड और रायसेन रोड समेत 100 से ज्यादा इलाकों में घंटों बिजली गुल रही। कई जगहों पर पेड़ गिरने की सूचना है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन हर साल नालों की सफाई के बड़े दावे करता है, लेकिन पहली ही बारिश ने सिस्टम की कलई खोल दी है। अब शहरवासी इस बात से चिंतित हैं कि यदि मानसून के दौरान लगातार बारिश हुई, तो स्थिति कितनी भयावह होगी।






