भोपाल के हथाईखेड़ा में कथित एसिड अटैक केस में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। फरियादी सूरज शर्मा ने अपने पड़ोसी मदन विश्वकर्मा को फंसाने के लिए खुद पर हमले की झूठी कहानी रची थी। जांच में पता चला कि सूरज का चेहरा पटाखे की आग से झुलसा था, लेकिन उसने बदले की भावना से एसिड अटैक की झूठी FIR दर्ज करवाई। सीसीटीवी फुटेज, लोकेशन डेटा और बयान में विरोधाभास के चलते पुलिस को शक हुआ। जिसके बाद सच्चाई सामने आई। अब झूठी कहानी रचने वाले के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी।
घटना का झूठा ड्रामा 4 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली थी कि हथाईखेड़ा पुलिया के पास एक युवक पर एसिड से हमला हुआ है। पीड़ित सूरज शर्मा को गंभीर हालत में जमना अस्पताल, आनंद नगर ले जाया गया। सूरज ने बयान दिया कि पड़ोसी मदन और उसके साथियों ने उस पर एसिड फेंका। सूरज के भाई दीपक से बातचीत की गई तो उसने बताया कि गाय ढूंढने जंगल में गए थे। ऑटो में मदन विश्वकर्मा आया उसने मेरे भाई पर कुछ फेंक दिया जिससे उसका चेहरा जल गया ।

तथ्य जिनके चलते पुलिस को हुआ शक
- सूरज और उसके भाई दीपक के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे थे।
- सूरज का केवल चेहरा जला था, जबकि कपड़े सही सलामत थे।
- सूरज के अनुसार आरोपी बाइक से आए, जबकि भाई ने ऑटो से आने की बात कही।
- घटना के समय आरोपी मदन की मोबाइल लोकेशन दुकान की मिली।
- सीसीटीवी फुटेज से उसके दुकान पर ही होने की पुष्टि भी हुई।
साजिश का मकसद: पुरानी रंजिश और बदले की भावना
पुलिस ने जब सूरज से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। उसने बताया कि कुछ दिन पहले मदन ने सूरज के पिता और भाई के खिलाफ बिलखिरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी का बदला लेने के लिए सूरज ने एसिड अटैक की फर्जी कहानी रची। दरअसल, सूरज के चेहरे पर जो जलने के निशान थे, वो घर में पटाखा जलाते समय हुए हादसे में लगे थे। मदन को फंसाने की नीयत से उसने झूठी FIR दर्ज कराई।
डिजिटल जांच ने खोला फर्जीवाड़ा डीसीपी डॉ. संजय अग्रवाल और एसीपी दीपक नायक के निर्देशन में पिपलानी थाना प्रभारी अनुराग लाल व चौकी प्रभारी संतोष रघुवंशी की टीम ने गहनता से जांच की। लोकेशन ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज, और सीन रिक्रिएशन जैसे डिजिटल तरीकों से पूरा मामला उजागर हुआ। भोपाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गंभीर अपराधों में झूठी शिकायत दर्ज करना कानूनन अपराध है और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील है कि किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने या गुमराह करने की कोशिश न करें।




